मानव मन बहुत ही चंचल होता है। जो कल्पनाओं के पंख लगाकर इधर उधर भटकता है तथा सम्पूर्ण शक्ति और पूर्ण वेग के साथ कल्पनाओं के नीले गगन में विहार करता है परन्तु जीवन को सार्थक...
क्रोध विष है क्योंकि उसके नशे में व्यक्ति को भले बुरे का ज्ञान नहीं रहता। क्रोध विष है तो क्षमा सुधा। क्रोध व्यक्ति का एक स्वाभाविक गुण है। कोई भी व्यक्ति क्रोध से अछूता...
"असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम। कुछ किये...
“शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो पिएगा वो दहाड़ेगा” - डा० भीम राव
अम्बेडकर
यदि आपको अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। तो शिक्षा...
“बाबा साहेब • संविधान निर्माता • सामाजिक क्रांतिकारी” - आज मैं जिस महान व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त करने जा रहा/रही हूँ, वह केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा है… एक क्रांति है… एक संघर्ष की जीवित कहानी है ....